दुबई में फंसे दो भारतीय कामगारों की हुई वतन वापसी, नौकरी देने के बहाने एजेंट ने दिया था धोखा

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Dubai: एजेंट के धोखे का शिकार दो भारतीय कामगारों की सकुशल वतन वापसी हो गई है। ये दो भारतीय कामगार उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले थे। वतन वापसी पर इन भारतीय कामगारों की खुशी का ठीकाना नहीं रहा है।

एजेंट ने दिया धोखा

जानकारी के लिए आपको बता दें, देवरिया के तरकुलवा थानाक्षेत्र के ग्राम पंचायत हरैया निवासी शैलेष सिंह पुत्र मुंशी सिंह और घनश्याम शर्मा पुत्र मोतीचन्द शर्मा करीब एक माह पहले एजेंट के झांसे में आ गए। एजेंट ने उन दो कामगारों को दुबई के एक कंपनी में अच्छे वेतन पर नौकरी दिलाने का झांसा दिया और उनसे 80-80 हजार रुपए ले लिए।

इसके बाद उस एंजेट ने दोनों युवकों का वीजा एवं पासपोर्ट जमा करा कर उन्हें दुबई भेज दिया। उन्हें अजमान शहर ले जाया गया। यहां पर करीब 70 लोग एजेंटों के झांसे में आकर फंसे हुए थे, हालांकि कुछ दिनों बाद एक एजेंट उन्हें शारजाहा के रंबल एरिया में एक वर्क शॉप में ले गया। दो-तीन महीने काम करने के बाद वेतन मिलने की बात कही। युवकों के मुताबिक उन्हें फंस जाने का शक हुआ और वे वहां से भागकर अजमान लौट आए।

सकुशल हुई वतन वापसी

बाद में युवकों ने किसी तरह से अपना संदेश घर पहुंचाया। जिसकी ख़बर अखबारों में छपी। ख़बर को पढ़कर कुशीनगर जनपद के जंगलीपट्टी गांव का एक युवक उनके पास गया। उसने उन्हें 300-300 रुपए दिए। वहीं दूसरी तरफ घर वालों ने टिकट का इंतजाम किया और अब इन दो भारतीय कामगारों की वतन वापसी हो गई। अपने देश में वापस लौटने पर इन दो भारतीय कामगारों का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। साथ ही राहत की सांस ली।

अच्छी नौकरी की लालच देकर भेजे गए दोनों भारतीय कामगारों ने धोखा देने वाले एजेंट का नाम मनोज सिंह पुत्र नरेश सिंह निवासी नेबुआ नौरंगिया, जिला कुशीनगर बताया है। कामगारों ने एजेंट के खिलाफ कठोर कर्रवाई की मांग की है।

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