पैसा कमाने दुबई गए कामगार का श’व लौटा भारत, पार्थिव शरीर देख फूट-फूट कर रोने लगें पत्नी- बच्चें

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विदेश में काम करने की इच्छा मन में लिए दुबई गए एक भारतीय कागमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौ’त हो गई। इसकी जानकारी जैसे ही परिवार वालों को हुई। घर पर ची’ख पुकार मच गई।

2 साल पहले काम के सिलसिले में गए थे दुबई, वापस आया शव

मिली जानकारी के अनुसार जिस भारतीय कामगार की मौ’त हुई। वह बिहार की भोरे थाना क्षेत्र के सिसई मौजे गांव का रहने वाला था। मृ’त्यु के बाद उसका पा’र्थिव शरीर बुधवार को दुबई से सिसई लाया गया।

जैसे ही उस भारतीय कामगार की पा’र्थिव शरीर घर पहुंचा, परिवार जनों में ची’ख-पुकार म’च गई। पूरा गांव मा’तम में तब्दील हो गया। मिली जानकारी के अनुसार भोरे थाना क्षेत्र के सिसई मौजे गांव के रहने वाले स्वर्गीय महेंद्र वर्णवाल के 45 साल के पुत्र शिरीष वर्णवाल 2 साल पहले काम करने के लिए दुबई गए थे। जहां पर 1 सप्ताह पहले उनके सीने में अचानक द’र्द की शिकायत हुई। जिसके बाद उन्हें इम’रजेंसी में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में इलाज के दौरान ही उन्होंने द’म तोड़ दिया।

परिजनों में मची ची’ख-पुकार

हालांकि, उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह निवास भिजवा दिया गया है। वाराणसी हवाई अड्डे से उनके परिजन श’व लेकर गांव पहुंचे। जहां पर श’व को देखते ही उनकी पत्नी और बच्चे फूट-फूट कर रो’ने लगे। देखते ही देखते पूरे गांव में मातम पसर गया।

गौरतलब है कि भारत से बड़ी तदाद में यूएई, कुवैत समेत खाड़ी देशों में बेहतर नौकरी और अच्छी सैलरी के लिए जाते हैं। इनमें से कई ऐसे लोग होते हैं, जो आर्थिक स्तर पर काफी कमजोर रहते हैं।

खाड़ी देशों में आमतौर पर ठीक- ठाक कमाई हो जाती है और इस कमाई का कुछ हिस्सा वो अपने घरों पर भेजते हैं, हालांकि बीते कुछ समय से कोरोना महामारी के आने के बाद इसमें तमाम तरह की दिक्कत सामने आ रही है। इसमें फ्लाइट लेने के लिए लगे तमाम कोविड प्रोटोकॅाल समेत कई अन्य तरह की समस्या शामिल है, जिसे मौजूदा समय में कामगारों को उठाना पड़ रहा है।

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