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विदेश से सिर्फ इन्हीं यात्रियों को मिलेगी भारत आने की अनुमति, 14 दिनों तक रहना भी होगा क्वारंटाइन

New Delhi: कोरोना वायरस के कहर ने आज दुनिया के कई बड़े देशो को उनके घुटने पर खड़ा कर दिया है। दुनिया के ज्यादातर देशों ने वायरस से बचने के लिए लॉकडाउन का सराहा लिया है। जिसमें से एक हमारा भारत भी है। भारत में पिछले ढेड़ महीने से लॉकडाउन हुआ है।

इस लॉकडाउन की वजह से हजारों की संख्या में भारतीय दूसरे देशों में फंसे हुए है। लॉकडाउन की वजह से ये सभी भारतीय बाहर देशों में रहने के लिए मजबूर है। लेकिन अब भारत सरकार विदेशों में फंसे अपने इन सभी फंसे भारतीय नागरिकों को वापस वतन आने वाले हैं।

 

सरकार 7 मई से इन भारतीयों को वापस लाने का काम योजना के अनुसार शुरू करेगी। इस काम में भारत सरकार एयरलाइंस के साथ साथ इंडियन नेवी की भी हैल्प लेगी। जानकारी के अनुसार, सरकार ने भारत वापस आने वाले लोगों के लिए कुछ स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रॉटोकॉल्स भी तैयार किए है।

होम मिनिस्ट्री ने साफ शब्दों में कहा कि भारत आने के लिए फ्लाइट के टेक ऑफ से पहले सभी यात्रियों कि मेडिकल जांच के तौर पर स्क्रीनिंग की जाएगी। उस दौरान अगर किसी भी भारतीय को बुखार, खांसी या सर्दी के लक्षण पाए गए तो उस व्यक्ति को यात्रा की इजाजत नही जाएगी।ऐसे में सिर्फ असिम्पटोमैटिक यात्रियों को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा भारत आने वाले सभी भारतीयों को आरोग्य सेतु एप पर रजिस्टर करना भी अनिवार्य है।

सरकार ने ये भी कहा है कि विदेशों में फंसे सभी भारतीय को स्वदेश वापस आने के लिए अपनी हवाई यात्रा का भुगतान करना होगा। सरकार के इस ऐलान से ये बात तो क्लियर है कि भारत में वापस आने के लिए विदेशों में फंसे सभी भारतीयों को अपना मेडिकल चैकअप करवाना ही होगा, और अगर आप इस दौरान संयोग वस बीमार पड़ जाते हैं तो आप भारत भी वापस नही आ सकते है। इसके साथ उन्हें अपनी हवाई यात्रा का किराया भी खुद ही देना है।

इसके अलावा भारत वापस आने के बाद इन लोगों 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन किया जाएगा। इसके साथ यात्रा के दौरान इन सभी यात्रियों को हैल्थ मिनिस्ट्री और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री की तरफ से जारी किए गए हैल्थ प्रॉटोकॉल के सभी नियमों का सही तरीके से पालन करना होगा।

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