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विदेश से भारत आने वाले यात्रियों को 7 दिन रहना होगा होम क्वारंटीन, जानें सरकार की नई गाइडलाइंस

ओमीक्रोन के चलते भारत में कोरोनावायरस की तीसरी लहर के बीच केंद्र सरकार ने विदेश से आने वाले पैसेंजर्स के लिए पहले के दिशानिर्देशों में बदलाव किया है।

नई गाइडलाइंस के अनुसार विदेश से आने वाले सभी पैसेंजर्स के लिए 7 दिनों का होम क्वारंटाइन अनिवार्य कर दिया गया है। जबकि आठवें दिन उनका rt-pcr टेस्ट किया जाएगा। इसी के साथ भारत सरकार ने कोरोनावायरस के जोखिम वाले देशों से आने वाले पैसेंजर्स के लिए कई अतिरिक्त जरूरी कदम उठाने का निर्णय लिया है।

7 जनवरी यानी कि शुक्रवार को जारी किए गए दिन नए दिशानिर्देशों 11 जनवरी से लागू हो जाएंगे और आगामी आदेश तक प्रभाव में रहेंगे। नए दिशानिर्देशों के पहले विदेश से आने वाले यात्रियों को कोविड-19 टेस्ट के लिए सैंपल देना होता था और कोरोनावायरस टेस्ट का नतीजा नेगेटिव आने तक उन्हें एयरपोर्ट पर रुकना पड़ता था।

कोरोनावायरस की नकारात्मक रिपोर्ट आने के बाद ही यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट या एयरपोर्ट से बाहर जाने की अनुमति मिलती थी। कोविड-19 की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद घर पर क्वारंटाइन रहने की भी बाध्यता नहीं थी। मगर नए दिशा निर्देशों के अनुसार कोरोनावायरस टेस्ट नकारात्मक आने के बाद सभी पैसेंजर को घर पर 7 दिनों तक अनिवार्य क्वारंटाइन में रहना होगा। जिसके बाद आठवें दिन उन्हें आरटी पीसीआर टेस्ट भी कराना होगा।

‘ऐट-रिस्क’ में शामिल किए गए ये देश

कोरोनावायरस के जोखिम वाले देशों यानी कि ऐट रिस्क की सूची को भी बढ़ाया गया है। यूरोप के अंतर्गत आने वाले देशों के अतिरिक्त दक्षिण अफ्रीका, यूके बोत्सवाना, घाना, चीन, न्यूजीलैंड, मारीशस, तंजानिया, जिंबाब्वे, इजरायल, हांगकांग, इथोपिया, कांगो, केन्या, नाइजीरिया, कजाकिस्तान, ट्यूनीशिया और जांबिया शामिल हैं।

विदेश यात्रा करके देश लौटने वाले यात्रियों के लिए दिशा निर्देश

1- विदेश यात्रा करके देश लौटने वाली सभी इंटरनेशनल पैसेंजर को ईयर सुविधा पोर्टल पर अपने बारे में विस्तार से सही सूचना देनी होगी।

2- विदेश यात्रा करके लौटने वाली पैसेंजर को अपनी नेगेटिव rt-pcr रिपोर्ट को पोर्टल पर अपलोड करना होगा। यह कोविड-19 टेस्ट अपलोड करने की तिथि से अधिकतम 72 घंटे पहले का हो। इसके साथ ही यात्री को टेस्ट रिपोर्ट की विश्वसनीयता का भी एफिडेविट देना होगा।

3- विदेश से भारत आने वाले प्रत्येक यात्री को लिखकर उपलब्ध कराना होगा कि वह क्वारंटाइन हेल्थ मॉनिटरिंग से जुड़े सभी रूल्स को फॉलो करेंगे।

4- भारतीय यात्रियों को अराइवल के बाद को भी 19 के जांच के लिए असुविधा क्वार्टर पर बुकिंग की भी सुविधा दी गई है ताकि उनकी समय से कोविड-19 हो सके।

5- फ्लाइट के जरिए वापस लौटने वाले सभी यात्रियों के कुल 2% यात्रियों को रैंडम कोविड-19 टेस्ट कराना होगा।

6- कोरोनावायरस की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी पैसेंजर्स को 7 दिनों के लिए अनिवार्य होम क्वारंटाइन में रहना होगा। उसके बाद आठवें दिन आरटी पीसीआर टेस्ट भी कराना पड़ेगा।

7- आठवें दिन कराए गए rt-pcr टेस्ट को एयर सुविधा पोर्टल पर भी अपलोड करना होगा। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद नेक्स्ट 7 दिनों तक अपनी सेहत को सेल्फ तौर पर मॉनिटर करना होगा।

बोर्डिंग से पहले इन पहलुओं पर ध्यान दें

  • रिस्क वाली देशों से यात्रा करके भारत आने वाले सभी यात्रियों को एयरलाइंस पहले से ही कोविड-19 टेस्ट के बारे में जानकारी देंगी। रिपोर्ट नकारात्मक आने के बाद भी उन्हें क्वारंटाइन रहना होगा अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो आइसोलेशन में कोविड-19 के कडे प्रोटोकॉल का भी पालन करना होगा।
  • यात्रियों के टिकट पर भी इस बात की पुष्टि होगी कि वह क्या करें और क्या ना करें।
  • उड़ान के समय केवल उन्हीं पैसेंजर को एंट्री मिलेगी जिन में कोरोनावायरस के कोई लक्षण नहीं पाए जाएंगे।
  • हवाई सफर करने वाले यात्रियों को अपने मोबाइल फोन में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने की सलाह भी प्रदान की जाती है।

हवाई सफर करने के दौरान इन बातों का भी रखे ख्याल

  • उड़ान के समय कोरोनावायरस से बचाव के लिए कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा यात्री को मास्क लगाना भी जरूरी हो होगा।
  • हवाई सफर के दौरान अगर किसी पैसेंजर उसमें कोविड-19 के लक्षण मिलते हैं तो उन्हें कोविड-19 की नई गाइडलाइंस के मुताबिक आइसोलेट होना पड़ेगा।

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