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दुबई में हुई भारतीय कामगार की मौ’त, अब सरबत दा भला ट्रस्ट की मदद से घर पहुंचा पार्थिव शरीर

पंजाब के अमृतसर के सीमांत तहसील अजनाला के मोहन भंडारिया के रहने वाले कामगार रंजीत सिंह (37) का पार्थिव शरीर रविवार को दुबई से भारत लाया गया।

दुबई में कारोबार कर रहे डॉ एसपीएस ओबरॉय और सरबत दा भला ट्रस्ट के संस्थापक की मदद से रंजीत सिंह के पार्थिव शरीर को श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट लाया गया। यहां पर सरबत दा भला ट्रस्ट के लोगों ने रंजीत सिंह के पार्थिव शरीर को उनके परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजनों द्वारा पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।

इलाज के दौरान तोड़ा था दम

सरबत दा भला ट्रस्ट के संस्थापक डॉ ओबरॉय ने बताया मोहन भंडारिया के निवासी रंजीत सिंह पुत्र अमर सिंह तकरीबन कुछ वर्षों पहले मजदूरी करने के लिए दुबई गया था। जहां पर रंजीत सिंह एक कंपनी में बतौर ड्राइवर काम कर रहा था। मगर कोरोनावायरस महामारी के चलते कंपनी ने उसे काम से हटा दिया। जिसके बाद रंजीत सिंह अपने वतन वापस लौटना चाह रहा था और इसके लिए उसने बाकायदा अपनी 18 जनवरी की टिकट भी बुक कर दी थी।

इसी बीच 16 जनवरी को रंजीत सिंह गश खाकर जमीन पर गिर पड़ा। जिसके बाद इलाज के दौरान उसने 17 जनवरी को हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया। बताया यह भी गया कि इलाज के दौरान उसके दिमाग की नस फ’ट गई जिसके चलते उसे बचाया नहीं जा सका।

परिजनों की गुहार पर लाया गया पार्थिव शरीर

रंजीत सिंह की मौत की खबर पाकर परिजन काफी सदमे में थे और आखिर में उन्होंने नजदीकी लोगों से संपर्क करके उसके शव को भारत वापस लाने की गुहार लगाई थी। परिजनों की मांग पर अमल करते हुए निजी सचिव बलदीप सिंह चाहल के प्रयासों से रंजीत सिंह का शव भारत लाया जा सका है।

श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मृ’तक के पार्थिव शरीर को परिवारीजनों को सौंपने के साथ ही ट्रस्ट की तरफ से इस बात की भी पुष्टि की गई कि मृ’त’क की पत्नी को 25 सौ प्रति महीने और मृ’त’क की मां को 1 हज़ार प्रतिमाह देने का भी निर्णय लिया गया है।

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