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UAE में प्रत्येक कामगारों को करना होगा इन 6 नियमों का पालन, उल्लंघन करने पर जा सकती है नौकरी

यूएई में बड़ी तदाद में प्रवासी और कामगार काम के सिलेसिले में जाते हैं। इसमें से ज्यादातर यहां पर अच्छी नौकरी और बेहतर सैलरी के लिए आते हैं, हालांकि यूएई में रहने और काम करने के लिए वहां पर जाने वाले प्रवासी और कामगारों को कई नियमों का पालन करना पड़ता है।

अगर वो उन नियमों का पालन नहीं करते हैं तो इसका उनका खासा खामियाजा उठाना पड़ सकता है और कभी कभी न सिर्फ उन्हें अपने नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है, बल्कि कई दफा देश से निर्वासित भी किया जा सकता है।

ऐसे में हम आपको उन छह नियमों को बतलाने जा रहे हैं, जिन्हें यूएई में प्रत्येक कामगार को छह नियमों का पालन करना चाहिए। वहीं ये ऐसे नियम है जिनका उल्लंघन करने पर आपकी नौकरी जा सकती है। इसको लेकर मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (एमओएचआरई) ने यूएई में प्रत्येक कामगार को छह कर्तव्यों पर याद दिलाया। इन नियमों को देश में काम करते समय ध्यान रखना चाहिए:

आईये जानते हैं ये 6 नियम है जिन्हें यूएई में काम करते समय कामगारों को ध्यान रखना चाहिए:

1.झूठी पहचान या राष्ट्रीयता न मानें और न ही झूठे दस्तावेज प्रदान करें।

2. कोई ऐसी गलती न करें जिसके परिणामस्वरूप नियोक्ता को भारी वित्तीय नुकसान हो सकता है।

3. अपने काम के सुरक्षा वातावरण के निर्देशों का उल्लंघन न करें।

4. काम के घंटों के दौरान श’रा’ब या न’शी’ली दवाओं के प्रभाव में न हों।

5. अपने नियोक्ता या सहकर्मियों या प्रबंधक पर ह’म’ला न करें।

6. वर्ष के दौरान 20 से अधिक अधिक दिनों या लगातार सात दिनों तक बिना कारण बताए काम को न छोड़े।

इन सभी नियमों का विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात श्रम कानून के अनुच्छेद 120 में उल्लेख किया गया है, जो विभिन्न मामलों को निर्धारित करता है जहां एक नियोक्ता बिना किसी पूर्व सूचना के किसी कामगार को बर्खास्त कर सकता है।

मानव संसाधन और अमीरात मंत्रालय (एमओएचआरई) के अनुसार, “यूएई के श्रम कानून में कर्तव्यों का एक सेट शामिल है जो कामगार को देश में काम करते समय पालन करना चाहिए। इनमें कंपनी के गोपनीयता नियमों का पालन करना और सार्वजनिक मनोबल को प्रभावित करने वाला कोई अपराध नहीं करना शामिल है।”

वहीं दूसरी तरफ अगर अरब अमीरात में कामगारों द्वारा अधिकतम काम करने की घंटे की बात किया जाए तो, यूएई श्रम कानून के अनुच्छेद 65 के अनुसार, निजी क्षेत्र के कामगारों को दिन में आठ घंटे या सप्ताह में 48 घंटे काम करना आवश्यक है। हालांकि, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, होटलों, रेस्तरां, चौकीदार और इसी तरह के कार्यों के कर्मचारियों के काम के घंटे को श्रम मंत्री द्वारा निर्धारित अनुसार प्रति दिन नौ घंटे तक बढ़ाया जा सकता है।

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